आज के युवाओं को यह उलझन होती है कि उन्हें वीर्यनाश करना चाहिए या नहीं। अगर हम आज की वैज्ञानिक खोजों को देखें तो उनमें बताया गया है कि वीर्य नाश करने से शरीर को कोई नुकसान नहीं होता है। उनकी खोजों में बताया गया है कि वीर्य नाश करने से हमारी चिंता, तनाव, अवसाद कम होते है,हम हफ्ते में दो बार इसे कर सकते हैं। लेकिन हमारे पुरानो में कुछ और बताया गया है…..
अगर हमारे पुरानो,वेदों कि बात करें तो उनमें वीर्य नाश करने को बिल्कुल गलत कहा गया। हमारे में बताया गया। पुरानो में साफ-साफ लिखा गया है कि वीर्यनाश करने से हमारी मानसिक और शारीरिक शक्ति और सोचने की क्षमता कम पड़ने लगती है। इसे करने से हमारा जीवन पूरी तरह से नष्ट हो जाता है। वहीं पर अगर हम वीर्यनाश न करें और सही आहार लें और रोज नियमित व्यायाम करें तो बहुत ही आपको अपने में चमत्कारिक लाभ दिखने लग जाएंगे।
अगर आपको इसकी लता लगी हुई है तो इसे छोड़ने के लिए ज्यादा से ज्यादा व्यस्त रहने कि कोशिश करें। जितनी जल्दी हो सके इसे छोड़ दें क्योंकि कहीं न कहीं अंदर से आपके मस्तिष्क को खोखला कर रहा है।

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